अल्बर्ट आइंस्टीन के 18 प्रेरणादायक विचार

  1. धर्मरहित विज्ञान लंगडा है, और विज्ञान रहित धर्म अंधा।
  2. ऐसा नहीं है कि मैं बहुत चतुर हूं; सच्चाई यह है कि मैं समस्याओं का सामना अधिक समय तक करता हूं।
  3. एक ऐसा व्यक्ति जिसने कभी गलती नहीं की है, उसने जीवन में कुछ नया करने का कभी प्रयास ही नहीं किया होता है।
  4. हम भारतीयों के बहुत ऋणी हैं जिन्होंने हमे गिनना सिखाया, जिसके बिना कोई भी मूल्यवान वैज्ञानिक खोज सम्भव नही होती।
  5. यह भयावह रूप से स्पष्ट हो चुका है कि हमारी तकनीक हमारी मानवता की सीमाएँ पार कर चुकी है|
  6. प्रकृति को गहराई से देखें, और आप हर चीज़ को बेहतर समझ पाएंगे।
  7. अवसर के रहने की जगह कठिनाइयों के बीच है।
  8. अट्ठारह वर्ष की उम्र तक इकट्ठा किये गये पूर्वाग्रहों का नाम ही सामान्य बुद्धि है।
  9. अपना जीवन जीने के केवल दो ही तरीके हैं. पहला यह मानना कि कोई चमत्कार नहीं होता है, दूसरा है कि हर वस्तु एक चमत्कार है।
  10. सफल मनुष्य बनने के प्रयास से बेहतर है गुणी मनुष्य बनने का प्रयास।
  11. विश्व एक महान पुस्तक है जिसमें वे लोग केवल एक ही पृष्ठ पढ पाते हैं जो कभी घर से बाहर नहीं निकलते।
  12. वक्त बहुत कम है यदि हमें कुछ करना है तो अभी से शुरुआत कर देनी चाहिए । -अल्बर्ट आइंस्टीन
  13. मूर्खता और बुद्धिमता में सिर्फ एक फर्क होता है की बुद्धिमता की एक सीमा होती है।
  14. ऐसा नहीं है कि मैं कोई अति प्रतिभाशाली व्यक्ति हूँ; लेकिन मैं निश्चित रूप से अधिक जिज्ञासु हूँ और किसी समस्या को सुलझाने में अधिक देर तक लगा रहता हूँ।
  15. आपकी कल्पनाशक्ति आपके जीवन के आने वाले आकर्षणों का पूर्वावलोकन है।
  16. सफल व्यक्ति होने का प्रयास न करें, अपितु गरिमामय व्यक्ति बनने का प्रयास करें।
  17. तर्क, आप को किसी एक बिन्दु ‘क’ से दूसरे बिन्दु ‘ख’ तक पहुँचा सकते हैं। लेकिन, कल्पना, आप को सर्वत्र ले जा सकती है।
  18. आपको खेल के नियम सीखने चाहिए और आप किसी भी खिलाड़ी से बेहतर खेलेंगे।
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