💖जिंदगी में कुछ जीवंत सत्य है जो स्वयं ही जाने जाते है💖

jindagi me kuchh jeevant satya hai jo svayam hi jane jate hai

 

एक मुसलमान फकीर हुआ, नसरुद्दीन वह एक नदी पार कर रहा था एक नाव में बैठ कर। रास्ते में मल्लाह और नसरुद्दीन कि बातचीत भी होती रही नसरुद्दीन बड़ा ज्ञानी आदमी समझा जाता था।

ज्ञानियों को हमेशा कोशिश रहती है किसी को अज्ञानी सिद्ध करने का मौका मिल जाए तो वह छोड़ नहीं सकते। तो उसने मल्लाह से पूछा कि भाषा जानते हो? मल्लाह ने कहा :भाषा… पढना-लिखना मुझे पता नहीं, जीतना बोलता हूं उतना ही जानता हूँ।

नसरुद्दीन ने कहा :तेरा चार आना जीवन बेकार चला गया। क्योंकि जो पढ़ना नहीं जानते क्या उसे ज्ञान मिल सकता है?
कहीं ज्ञान मिला है। मल्लाह चुपचाप हंसने लगा।

थोड़ी चले और नसरुद्दीन ने पूछा तुझे गणित आता है? मल्लाह ने कहा मुझे गणित नहीं आता है। ऐसे दो और दो चार जोड़ लेता हूँ। नसरुद्दीन ने कहा तेरा चार आना जीवन और बेकार चला गया। जीसे जोड़ नहीं आता वह जिंदगी में क्या जोड़ सकेगा। तेरा आठ आना जीवन बेकार गया।

फिर जोर का तुफान और आंधी आई और नाव उलटने करीब हो गई। उस मल्लाह ने पूछा :आपको तैरने आता है?
नसरुद्दीन ने कहा :मुझे तैरने नहीं आता।
मल्लाह ने कहा :आप की सोलह आने जिंदगी बेकार जाती है।

मै तो चला। मुझे गणित नहीं आता और न मुझे भाषा आती है, लेकिन मुझे तैरना आता है। मै तो चला।

जिंदगी में कुछ जीवंत सत्य है जो स्वंय हीं जाने जाते है, जो शास्त्र से नही जाने जा सकते। आत्मा का सत्य या परमात्मा का सत्य स्वंय ही जाना जा सकता है और कोई जानने का उपाय नहीं है।

🌼🌼🌼🌼🌼अंतरयात्रा🌼🌼🌼🌼🌼

🌺Rajneesh Osho🌺


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