काश ऐसी बारिश आये जिसमें अहम डूब जाए

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kash aisi baarish aaye

काश ऐसी बारिश आये जिसमें
अहम डूब जाए
मतभेद के किले ढह जाएं
घमंड चूर चूर हो जाए
गुस्से के पहाड़ पिघल जाए
नफरत हमेशा के लिए दफ़न हो जाये
और हम सब
“मैं” से “हम” हो जाएं ….

Good Morning

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