प्रेम को प्रार्थना बनाओ

प्रेम से भरी हुई आँख जहाँ पड़ेगी
वहीं मंदिर निर्मित हो जाएंगे
जहाँ प्रेम से भरा हुआ हृदय धड़केगा,
वहीं एक और नया काबा बन जाएगा,
एक नयी काशी पैदा होगी,
क्योंकि जहाँ प्रेम है,
वहाँ परमात्मा प्रकट हो जाता है।
प्रेम भरी आँख कण-कण मे
परमात्मा को देख लेती है।
**प्रेम को प्रार्थना बनाओ**

*ओशो*

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