मनुष्य की सबसे बड़ी कृति


osho anmol vachan

मनुष्य

मनुष्य की सबसे बड़ी कृति

स्वयं मनुष्य है ।

और मनुष्य का सबसे बड़ा सृजन

स्वयं का निर्माण है ।

और आप कुछ भी बनाये,

वह बनाना किसी काम का नहीं है ।

वह सब पानी पर खींची गई

लकीरों की तरह मिट जायेगा ।

जो आप अपने भीतर निर्मित करेंगे

और अपने को बनाएंगे

तो आप एक चट्टान पर,

एक लोहे की चट्टान पर

कुछ लिख रहे हैं,

जिसके कि निशान

फिर कभी मिटते नहीं है,

जो कि अमिट रूप से आपके साथ होगा ।

!! ओशो !!

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