हाथ की शोभा दान से है। सिर की शोभा

Best suvichar in hindi

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  1. हाथ की शोभा दान से है। सिर की शोभा अपने से बड़ों को प्रणाम करने से है। मुख की शोभा सच बोलने से है। दोनों भुजाओं की शोभा युद्ध में वीरता दिखाने से है। हृदय की शोभा स्वच्छता से है। कान की शोभा शास्त्र के सुनने से है। यही ठाट बाट न होने पर भी सज्जनों के भूषण हैं।

  2. प्रेम करने वाला पड़ोसी दूर रहने वाले भाई से कहीं उत्तम है।

  3. समुद्रों में वृष्टि निरर्थक है, तृप्तों को भोजन देना वृथा है, धनाढ्यों को धन देना तथा दिन के समय दिए का जला लेना निरर्थक है।

  4. जो विद्या पुस्तक में रखी हो, मस्तिष्क में संचित हो और जो धन दूसरे के हाथ में चला गया हो, आवश्यकता पड़ने पर न वह विद्या ही काम आ सकती है और न वह धन ही।

  5. आंख के अंधे को दुनिया नहीं दिखती, काम के अंधे को विवेक नहीं दिखता, मद के अंधे को अपने से श्रेष्ठ नहीं दिखता और स्वार्थी को कहीं भी दोष नहीं दिखता।

  6. ईश्वर न तो काष्ठ में विद्यमान रहता है, न पाषाण में और न ही मिट्टी की मूर्ति में। वह तो भावों में निवास करता है।

  7. फल मनुष्य के कर्म के अधीन है, बुद्धि कर्म के अनुसार आगे बढ़ने वाली है, फिर भी विद्वान् और महात्मा लोग अच्छी तरह से विचार कर ही कोई कर्म करते हैं।

  8. बुद्धिमान को चाहिए कि वह धन का नाश, मन का संताप, घर के दोष, किसी के द्वारा ठगा जाना और अमानित होना-इन बातों को किसी के समक्ष न कहे।

  9. जिस गुण का दूसरे लोग वर्णन करते हैं उससे निर्गुण भी गुणवान होता है।

  10. स्वयं अपने गुणों का बखान करने से इंद्र भी छोटा हो जाता है।

  11. गुणों से ही मनुष्य महान् होता है, ऊंचे आसन पर बैठने से नहीं। महल के कितने भी ऊंचे शिखर पर बैठने से भी कौआ गरुड़ नहीं हो जाता।

  12. गुण की पूजा सर्वत्र होती है, बड़ी संपत्ति की नहीं, जिस प्रकार पूर्ण चंद्रमा वैसा वंदनीय नहीं है जैसा निर्दोष द्वितीय का क्षीण चंद्रमा।

  13. भली स्त्री से घर की रक्षा होती है।

  14. पानी में तेल, दुर्जन में गुप्त बात, सत्पात्र में दान और विद्वान् व्यक्ति में शास्त्र का उपदेश थोड़ा भी हो, तो स्वयं फैल जाता।

  15. तब तक ही भय से डरना चाहिए जब तक कि वह पास नहीं आ जाता। परंतु भय को अपने निकट देखकर प्रहार करके उसे नष्ट करना ही ठीक है।

  16. ब्रह्मा ज्ञानी को स्वर्ग तृण है, शूर को जीवन तृण है, जिसने इंद्रियों को वश में किया उसको स्त्री तृण-तुल्य जान पड़ती है, निस्पृह को जगत् तृण है।

  17. जिस देश में मान नहीं, जीविका नहीं, बंधु नहीं और विद्या का लाभ भी नहीं है, वहां नहीं रहना चाहिए।

  18. दूसरों की सुन लो, लेकिन अपना फैसला गुप्त रखो।

  19. दूध का आश्रय लेने वाला पानी दूध हो जाता है।

  20. धीरज होने से दरिद्रता भी शोभा देती है, धुले हुए होने से जीर्ण वस्त्र भी अच्छे लगते हैं, घटिया भोजन भी गर्म होने से सुस्वादु लगता है और सुंदर स्वाभाव के कारण कुरूपता भी शोभा देती है।

  21. तीर्थों के सेवन का फल समय आने पर मिलता है, किंतु सज्जनों की संगति का फल तुरंत मिलता है।

  22. यदि तुम चाहते हो कि लोग तुम्हारे गुणों की प्रशंसा करें तो दूसरे के गुणों को मान्यता दो।

  23. मेहनत वह चाबी है जो किस्मत का दरवाज़ा खोल देती है।

  24. जो प्रकृति से ही महान् हैं उनके स्वाभाविक तेज को किसी (शारीरिक) ओज-प्रकाश की अपेक्षा नहीं रहती।

  25. प्रजा के सुख में ही राजा का सुख और प्रजाओं के हित में ही राजा को अपना हित समझना चाहिए। आत्मप्रियता में राजा का अपना हित नहीं है, प्रजाओं की प्रियता में ही राजा का हित है।

  26. कुल के कारण कोई बड़ा नहीं होता, विद्या ही उसे पूजनीय बनाती है।

  27. जहां मूर्खों की पूजा नहीं होती, जहां धान्य भविष्य के लिए संग्रहीत किया हुआ है, जहां स्त्री-पुरुष में कलह नहीं होती वहां मानो लक्ष्मी स्वयमेव आई हुई है।

  28. मर्यादा का उल्लंघन कभी मत करो।

  29. शांति के समान दूसरा तप नहीं है, न संतोष से परे सुख है, तृष्णा से बढ़कर दूसरी व्याधि नहीं है, न दया से अधिक धर्म है।

  30. सज्जनों का सत्संग ही स्वर्ग में निवास के समान है।

  31. “समृद्धि व्यक्तित्व की देन है, भाग्य की नहीं।”

  32. अपमानपूर्वक जीने से अच्छा है प्राण त्याग देना। प्राण त्यागने में कुछ समय का दु:ख होता है, लेकिन अपमानपूर्वक जीने में तो प्रतिदिन का दु:ख सहना होता है।

  33. सुख चाहने वाले को विद्या और विद्या चाहने वाले को सुख कहां? सुख चाहने वाले को विद्या और विद्यार्थी को सुख की कामना छोड़ देनी चाहिए।

  34. शांति जैसा तप नहीं है, संतोष से बढ़कर सुख नहीं है, तृष्णा से बढ़कर रोग नहीं है और दया से बढ़कर धर्मा नहीं है।

  35. व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है;और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है; और वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है।

  36. अगर सांप जहरीला ना भी हो तो उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए।

  37. शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है। एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पता है। शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है।

  38. कोई व्यक्ति अपने कार्यों से महान होता है, अपने जन्म से नहीं।

  39. किसी मूर्ख व्यक्ति के लिए किताबें उतनी ही उपयोगी हैं जितना कि एक अंधे व्यक्ति के लिए आईना।

  40. सर्प, नृप, शेर, डंक मारने वाले ततैया, छोटे बच्चे, दूसरों के कुत्तों, और एक मूर्ख: इन सातों को नींद से नहीं उठाना चाहिए।

  41. इस बात को व्यक्त मत होने दीजिये कि आपने क्या करने के लिए सोचा है, बुद्धिमानी से इसे रहस्य बनाये रखिये और इस काम को करने के लिए दृढ रहिये।

  42. जैसे ही भय आपके करीब आये, उसपर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये।

  43. कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयम से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा। और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें, तभी आगे बढें।

  44. जब तक आपका शरीर स्वस्थ्य और नियंत्रण में है और मृत्यु दूर है, अपनी आत्मा को बचाने कि कोशिश कीजिये; जब मृत्यु सर पर आजायेगी तब आप क्या कर पाएंगे?

  45. पहले पाच सालों में अपने बच्चे को बड़े प्यार से रखिये। अगले पांच साल उन्हें डांट-डपट के रखिये। जब वह सोलह साल का हो जाये तो उसके साथ एक मित्र की तरह व्यव्हार करिए। आपके व्यस्क बच्चे ही आपके सबसे अच्छे मित्र हैं।

  46. हमें भूत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए; विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं।

  47. हर मित्रता के पीछे कोई ना कोई स्वार्थ होता है। ऐसी कोई मित्रता नहीं जिसमे स्वार्थ ना हो। यह कड़वा सच है।

  48. वेश्याएं निर्धनों के साथ नहीं रहतीं, नागरिक दुर्बलों की संगती में नहीं रहते, और पक्षी उस पेड़ पर घोंसला नहीं बनाते जिसपे फल ना हों।

  49. अपमानित होके जीने से अच्छा मरना है। मृत्यु तो बस एक क्षण का दुःख देती है, लेकिन अपमान हर दिन जीवन में दुःख लाता है।

  50. दुनिया की सबसे बड़ी ताकत पुरुष का विवेक और महिला की सुन्दरता है.

  51. अपने बच्चों को पहले पांच साल तक खूब प्यार करो. छः साल से पंद्रह साल तक कठोर अनुशासन और संस्कार दो .सोलह साल से उनके साथ मित्रवत व्यवहार करो.

  52. आपकी संतति ही आपकी सबसे अच्छी मित्र है.

  53. हर मित्रता के पीछे कोई ना कोई स्वार्थ होता है। ऐसी कोई मित्रता नहीं जिसमे स्वार्थ ना हो. यह कड़वा सच है।

मोह में हम बुराइयाँ नहीं देख पाते

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मोह में हम बुराइयाँ नहीं देख पाते
और घृणा में हम
अच्छाइयाँ नहीं देख पाते

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राम नाम की पतंग उड़ी है लूट सके तो लूट

raam naam ki loot machi

raam naam ki loot machi

 

राम नाम की पतंग उड़ी है, लूट सके तो लूट
पाछे फिर पछ्ताओगे, प्राण जाएंगे जब छूट

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श्रावण पूर्णिमा पर शिव के रहस्यमयी विचार

shravan purnima par shiv ke rahasyamayi vichar

shravan purnima par shiv ke rahasyamayi vichar

कल्पना ज्ञान से महत्वपूर्ण: हम जैसी कल्पना और विचार करते हैं, वैसे ही हो जाते हैं। सपना भी कल्पना है। अधिकतर लोग खुद के बारे में या दूसरों के बारे में बुरी कल्पनाएं या खयाल करते रहते हैं। दुनिया में आज जो दहशत और अपराध का माहौल है उसमें सामूहिक रूप से की गई कल्पना का ज्यादा योगदान है।

shiv dhyan

बदलाव के लिए जरूरी है ध्यान: आदमी को बदलाहट की प्रामाणिक विधि के बिना नहीं बदल सकते। मात्र उपदेश से कुछ नहीं बदलता।

 

shunya me pravesh karo

शून्य में प्रवेश करो: विज्ञान भैरव तंत्र में शिव पार्वतीजी से कहते हैं, ‘आधारहीन, शाश्‍वत, निश्‍चल आकाश में प्रविष्‍ट होओ।’ वह तुम्‍हारे भीतर ही है।

गायत्री ही वेदमाता है: ‘गायत्री-मंजरी’ में ‘शिव-पार्वती संवाद’ आता है जिसमें भगवती पूछती हैं – ‘हे देव! आप किस योग की उपासना करते हैं जिससे आपको परम सिद्धि प्राप्त हुई है?’ उन्होंने उत्तर दिया- ‘गायत्री ही वेदमाता है और पृथ्वी सबसे पहली और सबसे बड़ी शक्ति है। वह संसार की माता है। गायत्री भूलोक की कामधेनु है। इससे सब कुछ प्राप्त होता है। ज्ञानियों ने योग की सभी क्रियाओं के लिए गायत्री को ही आधार माना है।

shiv ki rahasyamayi vichar

आत्‍मा चित्‍तम्।
कलादीनां तत्‍वानामविवेको माया।
मोहावरणात् सिद्धि:।
जाग्रद् द्वितीय कर:। – शिवसूत्र
अर्थात आत्‍मा चित्‍त है। कला आदि तत्‍वों का अविवेक ही माया है। मोह आवरण से युक्‍त को सिद्धियां तो फलित हो जाती हैं, लेकिन आत्‍मज्ञान नहीं होता है। स्‍थायी रूप से मोह जय होने पर सहज विद्या फलित होती है। ऐसे जाग्रत योगी को, सारा जगत मेरी ही किरणों का प्रस्‍फुरण है, ऐसा बोध होता है।

विस्मयो योगभूमिका:
स्वपदंशक्ति।
वितर्क आत्मज्ञानमू।
लोकानन्द: समाधिसुखम्। – शिवसूत्र
अर्थात : विस्मय योग की भूमिका है। स्वयं में स्थिति ही शक्ति है। वितर्क अर्थात विवेक आत्मज्ञान का साधन है। अस्तित्व का आनंद भोगना समाधि है।

जीवन को सुखमयी बनाने के लिए… भोजन और पान (पेय) से उत्पन्न उल्लास, रस और आनंद से पूर्णता की अवस्था की भावना भरें, उससे महान आनंद होगा। या अचानक किसी महान आनंद की प्राप्ति होने पर या लंबे समय बाद बंधु-बांधव के मिलन से उत्पन्न होने वाले आनंद का ध्यान कर तल्लीन और तन्मय हो जाएं।

आदमी पशुवत है: मनुष्य में जब तक राग, द्वेष, ईर्ष्या, वैमनस्य, अपमान तथा हिंसा जैसी अनेक पाशविक वृत्तियां रहती हैं, तब तक वह पशुओं का ही हिस्सा है। पशुता से ‍मुक्ति के लिए भक्ति और ध्यान जरूरी है। मतलब आदमी कुछ इस तरह का पशु है जिसमें सभी तरह के पशु और पक्षियों की प्रवृत्तियां विद्यमान हैं। आदमी ठीक तरह से आदमी जैसा नहीं है। आदमी में मन के ज्यादा सक्रिय होने के कारण ही उसे मनुष्य कहा जाता है, क्योंकि वह अपने मन के अधीन ही रहता है।

मरना सीखो: यदि जीवन में कुछ सीखना है तो मरना सीखो। जो मरना सीख जाता है वही सुंदर ढंग से जीना जानता है !

‘वामो मार्ग: परमगहनो योगितामप्यगम्य:’ अर्थात वाम मार्ग अत्यंत गहन है और योगियों के लिए भी अगम्य है। – मेरुतंत्र
भगवान शिव के योग को तंत्र या वामयोग कहते हैं। इसी की एक शाखा हठयोग की है।

 

prakriti ka samman karo shiv sutra

प्रकृति का सम्मान करो: प्रकृति हमें जीवन देने वाली है, इसका सम्मान करो। जो इसका अपमान करता है समझो मेरा अपमान करता है। दुनिया का हर काम प्रकृति के नियमों और तरीकों से ही होता है, लेकिन अहंकार से ग्रसित लोग ऐसा मानते हैं कि सबकुछ वही कर रहे हैं।

अपनी तरफ देखो – न तो पीछे, न आगे। कोई तुम्हारा नहीं है। कोई बेटा तुम्हें नहीं भर सकेगा। कोई संबंध तुम्हारी आत्मा नहीं बन सकता। तुम्हारे अतिरिक्त तुम्हारा कोई मित्र नहीं है। – शिवसू‍त्र

इस संसार में सबसे बढ़िया दवा “हँसी”

suvichar images in hindi

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इस संसार में….

सबसे बढ़िया दवा “हँसी”
सबसे बड़ी सम्पत्ति “बुद्धि”
सबसे अच्छा हथियार “धेर्य”
सबसे अच्छी सुरक्षा “विश्वास”

और आनंद की बात यह है कि
“ये सब निशुल्क हैं”

🌹जय श्री राधे🌹

छाता बारिश को तो नहीं रोक सकता परन्तु बारिश में खड़े रहने का हौसला अवश्य देता है।

sangharsh karne ki prerna

sangharsh karne ki prerna

छाता बारिश को तो नहीं रोक सकता
परन्तु बारिश में खड़े रहने का हौसला अवश्य देता है।
इसी प्रकार आत्म विश्वास सफलता की गारंटी तो नहीं देता
परन्तु सफलता के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा अवश्य देता है।

Umbrella can not stop the rain
But it gives the courage to stand in the rain
Similarly, self confidence does not guarantee success
But it gives the inspiration to struggle for success.

नसीब वाले हैं जिनके सर पर पिता का हाथ होता है – Happy Father’s Day

Happy Father's Day

Happy Father's Day

नसीब वाले हैं जिनके सर पर पिता का हाथ होता हैं,
ज़िद पूरी हो जाती हैं सब गर पिता का साथ होता है

“Khushiyo se bhara har pal hota hai,
Zindagi m sunhera har kal hota hai,
Milti h kamyabi unko,
Jinke sar par pita ka haath hota hai.

Happy Father’s Day Dear Papa!”

“पापा का प्यार निराला है,
पापा के साथ रिश्ता न्यारा है,
इस रिश्ते जैसा कोई और नही
यही रिशता दुनिया में सब से प्यारा है.”

“हँसते हैं हंसाते हैं मेरे पापा,
मेरे लिये खुशिया लाते हॆ मेरे पापा.
जब मे रुठ जाती हूँ,
तो मनाते हे मेरे प्यारे पापा.
गुडिया हु मे पापा की,
ओर मेरे सब से प्यारे दोस्त हॆ पापा,

Happy Fathers Day Papa”

““धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है
जिन्दगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है
हर दुख वो बच्चों का खुद पे वो सह लेतें है
उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते है”
फ़ादर्स डे की शुभ कामना !”

“Baat dil ki jaan le jo,
Aankhoon se dard pehchaan le jo,
Dard ho chahe ho woh khushi,
Aansuon ki pehchaan kerle jo,
Wo shakhs jo bepanaah pyaar kare,
Pita hi to hai wo jo bacchoon ke liye jiye.”

“एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए,
जीवन में पिता का स्थान प्रभु से कम नहीं है।
पिता सदा हमारा ध्यान रखते है,
और निस्वार्थ प्यार करते हैं।

फ़ादर्स डे के शुभ अवसर पर शुभ कामना !”

“Ya rabb mere pita ko lazawaal rakhna,
Main rahun na rahun mere pita ka khayal rakhna,
Meri Khushiyan bhi le le, meri saansein bhi le le,
Mgr mere pita k gird sada khushiyon ka jaal rkhna.”

“गर मैं रास्ता भटक जाऊं,
मुझे फिर राह दिखाना,
आपकी ज़रुरत मुझे हर कदम पर होगी,
नहीं है दूजा कोई पापा आपसे बेहतर चाहने वाला वाला

हैप्पी फादर्स डे 2020″

“पिता हारकर बाज़ी हमेशा मुस्कुराया,
शतरंज की उस जीत को मैं अब समझ पाया.”

“Gaana bhala na aata ho, par mere liye wo gaate h,
Kbi khilone kbi mithai, to kbi ice-cream dilate h,
Kbi jidd m karta hu to thappad b mje lagate h,
Sab se pehle dost wo mere, sab se pehle saathi..!!

Wish You Happy Fathers Day 2020″

“हैँ समाज का नियम भी ऐसा पिता सदा गम्भीर रहे,
मन मे भाव छुपे हो लाखोँ, आँखो से न नीर बहे!
करे बात भी रुखी-सूखी, बोले बस बोल हिदायत के,
दिल मे प्यार है माँ जैसा ही, किंतु अलग तस्वीर रहे!”

“Nind apni bhula ke sulaya humko,
Aansu apne gira ke hasaya humko,
Dard kabhi na dena uss khuda ki tasvir ko,
Zamana ma-bap kehta hai jinko…”

“Tanhayi mein jab beete lamho ki yaad aati hai,
Kya kahe jism se jaan chali jaati hain,
Yun toh PAPA bahut door chale gaye hum se
Pr aankhe band kare to surat unki nazar aati h
I Miss You So Much Papa”

“आज भी मेरी फरमाइशें कम नही होती,
तंगी के आलम में भी, पापा की आँखें कभी नम नहीं होती.”

“अज़ीज़ भी वो है, नसीब भी वो है,
दुनिया की भीड़ में करीब भी वो है
उनकी दुआ से चलती है ज़िन्दगी
क्यों की खुदा भी वो है,
और तक़दीर भी वो है ..!!

Happy Father’s Day 2020″

“मेरे होठों की हँसी मेरे पापा की बदोलत है,
मेरी आँखों में खुशी मेरे पापा की बदोलत है,
पापा किसी खुदा से कम नही
क्योकि मेरी ज़िन्दगी की सारी खुशी पापा की बदोलत है.”

“Papa mujhe bhool na jana,
Galtiyaan meri, dil pe mat lana,
Bhool ho jati hai mujh nadaan se,
Apni beti ko hamesha gale lagaana!

Happy Fathers Day Dad”

“मेरी रब से एक गुज़ारिश है,
छोटी सी लगानी एक सिफारिश है,
रहे जीवन भर खुश मेरे पापा
बस इतनी सी मेरी ख्वाहिश है.”

“पापा मिले तो मिला प्यार,
मेरे पापा मेरा संसार,
खुदा से मेरी इतनी सी दुआ है इस बार
मेरे पापा को मिले खुशियाँ अपार”

“न हो तो रोती हैं जिदे, ख्वाहिशों का ढेर होता हैं,
पिता हैं तो हमेशा बच्चो का दिल शेर होता हैं.”

“प्यारे पापा के प्यार भरे,
सीने से जो लग जाते हैं,
सच कहती हूँ विश्वास करो,
जीवन में सदा सुख पाते हैं”

“Papa hai mohabbat ka naam,
Papa ko hazaron salaam,
Kar de fida zindagi,
Aaye joh bachhon ke kaam.

Happy Fathers Day Daddy”

“Dare naa, ruke naa, jhuke naa,
Woh mere pita woh mere pita,
Bhula de khud ko, mita de khud ko,
Woh mere pita woh mere pita

Happy Fathers Day 2020″

“Mujhe mohabbat hain,
Apne hath ki sab ungliyoon se,
Na jaane kis ungli ko pakad ke,
Pita ne chalna sikhaya hoga.
I Love you papa!”

“मंजिल दूर और सफ़र बहुत है .
छोटी सी जिन्दगी की फिकर बहुत है .
मार डालती ये दुनिया कब की हमे .
लेकिन “पापा ” के प्यार में असर बहुत है .
Love You dad.”

“Apney papa ko aaj main kya uphaar du?
Tohfey du phoolo ke ya gulaabo ka haar du?
Meri jindagi mein jo hai sabsey pyaara..
Uss par toh main apni jindagi hi vaar du!”

“Jisney mera jeevan sawaara woh rahat ho tum
Sapno mein jiskaa chehra dikhaa woh chahat ho tum,
Basi hai jo mere man mandir mein woh soorat ho tum,
Puja hai jisko maine shaam sawere woh moorat ho tum

Happy Father’s Day Dear Dad!”

“Pita ka rutba sab se ooncha
Rab ke roop samaan hai
Pita ki ungli thaam ke chal toh
Rastaa bhi aasaan hai
Pita ka saaya sar pe ho toh
Kadmon mein aakaash hai
Pita hai poonji, Kho jaaye toh
Phir kya tere paas hain”

“पापा ने ही तो सिखलाया,
हर मुश्किल में बन कर साया
जीवन जीना क्या होता है,
जब दुनिया में कोई आया|”

“पिता के बिना जिंदगी वीरान होती है,
तनहा सफर में हर राह सुनसान होती है,
जिंदगी में पित क होना जरूरी है,
पिता के साथ से हर राह आसान होती है .

हैप्पी फादर्स डे पापा”

 

🌹जिन्दगी को हमेशा एक फूल की तरह जिया करो🌹

jindagi ko hamesha phool ki tarah

jindagi ko hamesha phool ki tarah

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जिन्दगी को हमेशा एक फूल की तरह जिया करो…
जो खुशबू भी दूसरों को देता है और टूटता भी दूसरों के लिए ही है

jindagi ko hamesha ek phool ki tarah jiya karo…
jo khushboo bhi dusaron ko deta hai
aur tutata bhi dusaron ke liye hi hai

Always live life as a flower …
The fragrance that gives to others
and breaks is also for others

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rasta puchhne me sharm mahsus nahi karni

1. रास्ता पूछने में शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए, क्या पता मंजिल का रास्ता वहीं से जाता हो जिससे आप बेखबर हों…..


kisi maksad ke liye khade ho

2. किसी मकसद के लिए खड़े हों तो एक पेड़ की तरह… और गिरो तो बीज की तरह… ताकि फिर से उगकर उसी मकसद के लिए लड़ सको।

3. मंजिले चाहे कितनी भी ऊँची या कठिन हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते है।

4. गलती उसी से होती है जो काम करता है… निकम्मों की जिंदगी तो दूसरों की बुराई खोजने में ही ख़त्म हो जाती है।

5. मेरे व्यक्तित्व और व्यवहार की कभी मिलानी मत करना… क्योंकि मेरा व्यक्तित्व मैं हूँ और मेरा व्यवहार आप पर निर्भर करता है!!

6. मनुष्य सुबह से शाम तक काम करके उतना नहीं थकता, जितना क्रोध और चिंता से एक क्षण में थक जाता है…

7. जहाज समंदर के किनारे सर्वाधिक सुरक्षित रहता है। मगर क्या आप नहीं जानते कि उसे किनारे के लिए नहीं, बल्कि समंदर के बीच में जाने के लिए बनाया गया है ?

8. आपके पास जितना समय अभी है… उससे अधिक समय कभी नहीं होगा।

9. जिंदगी को लेकर हमारी शिकायतें जितनी कम होती जाएगी, हमारा जीवन उतना ही बेहतर बनता जाएगा।

10. जिस समय हम किसी का अपमान कर रहे होते हैं, दरअसल, उस समय हम अपना सम्मान खो रहे होते है…

11. छोटी-छोटी बातों में आनंद खोजना चाहिए, क्योंकि बड़ी-बड़ी बातें तो जीवन में कुछ ही होती हैं।

12. जिंदगी में जो हम चाहते है वो आसानी से नहीं मिलता लेकिन जिंदगी का सच ये है कि हम भी वही चाहते हैं जो आसान नहीं होता…!

13. दूसरों को मूर्ख समझने वाले लोग कभी विद्वान नहीं हो सकते….

14. दो बातें इंसान को अपनों से दूर कर देती हैं, एक उसका …अहम… और दूसरा उसका …वहम…

15. जब रिश्तों में झूठ बोलने की आवश्यकता महसूस होने लगे, तब समझ लेना चाहिए कि रिश्ता समाप्ति की ओर है।

16. जिंदगी की आधी शिकायतें ऐसे ही ठीक हो जाएँ, अगर लोग…. एक दूसरे के बारे में बोलने की जगह, एक दूसरे से बोलना सीख जाएँ।

17. जब जिन्दगी हँसाए, तब समझना कि अच्छे कर्मों का फल मिल रहा है। जब जिन्दगी रुलाये, तब समझना कि अब अच्छे कर्म करने का समय आ गया है।

18. नेक इंसान बनने के लिए वैसी ही कोशिश करो, जैसे खूबसूरत दिखने के लिए करते हो।

19. किताबें ऐसी शिक्षक हैं जो बिना कष्ट दिए, बिना आलोचना किए और बिना परीक्षा लिए हमें शिक्षा देती हैं।

20. आपका असली मुकाबला केवल अपने आप से है अगर आप आज खुद को बीते हुए कल से बेहतर पाते हैं, तो यह आपकी सबसे बड़ी जीत है।

21. भरोसा बहुत बड़ी पूंजी है, यह यूँ ही नहीं बांटी जाती… भरोसा खुद पर रखो तो ताकत मिलती है और दूसरे पे रखो तो कमजोरी बन जाता है।

22. अहंकार दिखा के किसी रिश्ते को तोड़ने से अच्छा है की, माफी मांगकर वो रिश्ता निभाया जाये…

23. किसी शांत और विनम्र व्यक्ति से अपनी तुलना करके देखिए, आपको लगेगा कि, आपका घमंड निश्चय ही त्यागने जैसा है।

24. कभी पीठ पीछे आपकी बात चले तो घबराना मत, क्योंकि बात तो उन्हीं की होती है जिनमें वाकई कोई …बात… होती है।

25. रिश्ते चाहे कितने भी बुरे हों… लेकिन कभी भी उन्हें मत तोड़ना, क्योंकि पानी चाहें कितना भी गंदा हो, प्यास नहीं तो आग तो बुझा ही देता है!!

26. वक्त अच्छा जरूर आता है, मगर वक्त पर ही आता है!

27. हर व्यक्ति के अन्दर एक शक्ति छिपी रहती है जब वह जाग्रत होती है तभी चमत्कार होते हैं।

28. तुम दुनिया में सबसे जीत सकते हो सिवाय उस इंसान के जो तुम्हारी खुशी के लिए जानबुझकर हार जाता है।

29. मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नहीं।

30. एक मिनट में जिन्दगी नहीं बदलती पर एक मिनट सोच कर लिया हुआ फैसला पूरी जिन्दगी बदल देता है।


beete kal ka afsos

31. बीते कल का अफसोस और आने वाले कल की चिन्ता, दो ऐसे चोर हैं.. जो हमारे आज की खूबसूरती को चुरा ले जाते हैं।


32. कभी पीठ पीछे आपकी बात चले तो घबराना नहीं, क्योंकि बात तो उन्ही की है.. जिनमें वाकई कोई बात होती है।

33. समस्या के बारे में सोचने से बहाने मिलते हैं, समाधान के बारे में सोचने पर रास्ते मिलते हैं।

34. इंसान जिंदगी में गलतियाँ करके उतना दु:खी नहीं होता हैं, जितना कि वह बार-बार उन गलतियों के बारे में सोच कर होता है।

35. भूल करना मनुष्य का स्वभाव है, लेकिन भूल को स्वीकार कर लेना और वैसी भूल फिर न करने का प्रयास करना वीर एवं साहसी होने का प्रतीक है।

36. हमेशा छोटी-छोटी गलतियों से बचने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि इन्सान पहाड़ों से नहीं पत्थरों से ही ठोकर खाता है ..

37. वो लोग हमेशा परेशान रहते हैं जो दुनिया को तो बदलने की सोचते हैं, पर खुद को नहीं…

38. यदि आप प्रयास करने के बाद भी असफल हो जाए तो भी उस व्यक्ति से हर हाल मैं बेहतर होंगे जिसको बिना किसी प्रयास के सफलता मिली गई हो।

39. कर्मों की आवाज शब्दों से भी ऊँची होती है।

40. यह आवश्यक नहीं कि हर लड़ाई जीती ही जाए। आवश्यक तो यह है कि हर हार से कुछ सीखा जाए।

41. आपका असली मुकाबला केवल अपने आप से है, अगर आप आज खुद को बीते कल से बेहतर पाते हैं, तो यह आपकी बड़ी जीत है।

42. लक्ष्य पर अड़े रहना चाहिए, मगर पथ लचीला रखना चाहिए।

43. जीवन मिलना भाग्य की बात है ! मृत्यु आना समय की बात है !! पर मृत्यु के बाद भी लोगों के दिलों में जीवित रहना… ये कर्मों की बात है !!

44. प्रकृति अपने दिए हुए कष्ट सहने की शक्ति भी देती है… लेकिन मनुष्य गलत निर्णय लेने के लिये बाध्य तब होता है जब कष्ट अपने तैयार किये हुए हों….।

45. फूल फभी दो बार नहीं खिलते, जन्म कभी दो बार नहीं मिलते, मिलने को तो हजारों लोग मिल जाते हैं पर हजारों गलतियाँ माफ करने वाले माँ बाप नहीं मिलते…!!!

46. इंसान को बोलना सीखने में तीन साल लग जाते हैं… लेकिन क्या बोलना है ये सीखने में पूरी जिदंगी लग जाती हैं।

47. एक छोटी सी चींटी आपके पैर को काट सकती है पर आप उसके पैर को नहीं काट सकते… इसलिए जीवन में किसी को छोटा ना समझें… वह जो कर सकता है, शायद आप ना कर पायें !

48. प्रेम वो चीज है.. जो इंसान को कभी मुरझाने नहीं देता, और नफरत वो चीज है जो इंसान को कभी खिलने नहीं देती।

49. वाणी में भी अजीब शक्ति होती है… कड़वा बोलने वाले का शहद भी नहीं बिकता.. और मीठा बोलने वाले की मिर्ची भी बिक जाती है..!

50. जिंदगी में असली सफलता हम तभी हासिल कर सकते हैं, जब हम दूसरों को सफल होने में मदद करना सीख लेते हैं।

जीवन की हर समस्या ट्रैफिक की लाल बत्ती की तरह होती है

jeevan ki har samasya traffic ki lal

jeevan ki har samasya traffic ki lal

जीवन की हर “समस्या”
ट्रैफिक🚦 की “लाल बत्ती”
की तरह होती है,
यदि हम थोड़ी देर “प्रतीक्षा” कर लें,
तो वह “हरी” हो जाती है
धैर्य रखें, “प्रयास” करें,
“समय” बदलता ही है।

jeevan ki har samasya traffic ki lal batti ki tarah hoti hai,
yadi ham thodi der pratiksha kar len, to vah hari ho jati hai
dherya rakhen, prayas karen, samay badalta hi hai.

Every “Problem” of life is like
the “Red Light” of traffic🚦,
If we “Wait” for a while,
Then it becomes “Green”
Be “Patience”, “Try”, time changes.


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